सीमेंट प्लांट से सम्बंद्धित संपूर्ण जानकारी
हम सबको पता है कि सीमेंट हमारे दैनिक जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है जितने भी आज दुनिया में ब्रिज, सड़के, भवन , बिल्डिंग बनाने का कार्य किया जा रहा है सभी जगह सीमेंट का उपयोग किया जाता है इस ब्लॉग में मै सीमेंट प्लांट से जुडी कुछ बाते आपको बताने जा रहा हु की सीमेंट कैसे बनाया जाता है और किन किन प्रक्रिया से होकर सीमेंट बनाया जाता है|
आज मै आपको सीमेंट बनाने से संबंद्धित जानकारी देना चाहता हूँ जिसे निम्न वर्गों में बाटा गया है जिसमे मै आपको हर वर्ग को विस्तार में समझाऊंगा|
- सीमेंट बनाने के लिए सबसे पहले रॉ मटेरियल चूना पत्थर (lime stone) की मुख्य भूमिका है जिसे माइंस से विस्फोट करके निकाला जाता है फिर इन बड़े आकर के पत्थरो को अगले प्रक्रिया के लिए ट्रको में भरकर भेजा जाता है|
- ट्रको से लाया गया रॉ मटेरियल को क्रेशर के डंप हॉपर में डाला जाता है जिसमे बड़े आकार के पत्थरो को छोटे छोटे टुकड़ो में तोडा जाता है फिर इन टुकड़ो को कन्वेयर बेल्ट द्वारा छटनी के लिए (Screen Plant) भेजा जाता है जहा उपयोग में नहीं आने वाले पत्थरो को अलग कर दिया जाता है बाकी उपयोग में आने वाले पत्थरो को हॉपर में जमा करके रखा जाता है|
- जमा किये गए पत्थरो को बेल्ट कन्वेयर के द्वारा अगले पक्रिया के लिए रॉ मिल में भेजा जाता है जहाँ चूना पत्थर के साथ जिप्सम,फ्लाई ऐश,आयरन मटेरियल मिलाकर रॉ मिल में पिसा जाता है जिससे ये पाउडर के रूप में मिलता है इस पावडर को सक्शन के जरिए साइलो में एकत्रित करके अगले प्रक्रिया के लिए रखा जाता है|
- साइलो से बकेट एलेवेटर के जरिये अगले प्रक्रिया के लिए प्रेहेटर में भेजा जाता है जहा 1200'C से 1400'C पर गर्म किया जाता है जिसे 6 चरण से होकर गुजारा जाता है|
- प्रेहेटर से इस गर्म मटेरियल को Rotary Kiln में भेजा जाता है जहा इसे 1800'C तक गर्म किया जाता है जो हमें बड़े बड़े लम्स के रूप में प्राप्त होता है फिर इस गर्म मटेरियल को कूलर हाउस में ठंडा किया है ठण्डा होने के बाद ये मटेरियल कूलर हाउस में लगे क्रेशर में छोटे छोटे टुकड़ो में तोडा जाता है जिसे क्लिंकर के रूप में बना लिया जाता है इस क्लिंकर को बकेट एलेवेटर के द्वारा क्लिंकर साइलो में इकट्ठा करके रखा जाता है|
- क्लिंकर साइलो से इन मटेरियल को बॉल मिल में भेजा जाता है और साथ ही इसमें आवश्कता के अनुसार इसमें और रॉ मटेरियल फ्लाई ऐश, जिप्सम ,आयरन मिलाकर पूर्णरूप से सीमेंट बना लिया जाता है और इसे सीमेंट साइलो में बकेट एलेवेटर के द्वारा भेज दिया जाता है|
- अब सीमेंट को अंतिम प्रक्रिया के लिए सीमेंट साइलो से पैकिंग प्लांट में जरुरी उद्पादन के लिए पैकेट पैकिंग के लिए भेज दिया जाता है जहा इसे पैकिंग करके कन्वेयर के द्वारा ट्रको और ट्रेनों में लोड किया जाता है|
मैंने आपको सीमेंट मैन्युफैक्चरिंग के बारे में कुछ जानकारी शेयर की है मुझे उम्मीद है की आपको हमारे द्वारा दी गयी जानकारी आपके लिए उपयोग में आये हम आगे इस टॉपिक के ऊपर कई ब्लॉग बनाने की कोशिस करेगे जिसमे डिपार्टमेंट की सम्पूर्ण जानकारी आप लोगो के साथ शेयर करेंगे|
अगर आप बेहतर जानकारी के लिए वीडियो में देखना पसंद करते है तो आप हमारे Youtube Channel में भी जाकर देख सकते है मई आपको इसका लिंक निचे लिख दूंगा|








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